बड़ा खुलासा: 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' का सरकार, खेलो इंडिया और IOA से कोई संबंध नहीं, खिलाड़ियों को आगाह किया गया
भारत सरकार ने 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' को फर्जी घोषित किया है। इसका खेलो इंडिया या IOA से कोई संबंध नहीं। खिलाड़ियों को धोखाधड़ी से बचने की सलाह।
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' को एक फर्जी संस्था घोषित किया है, जिसका किसी भी सरकारी खेल निकाय से कोई संबंध नहीं है।
- भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने खिलाड़ियों को इस फेडरेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
- यह फर्जी संस्था सरकारी लोगो और 'खेलो इंडिया' नाम का दुरुपयोग करके एथलीटों को ठगने का प्रयास कर रही है।
'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' पर बड़ा खुलासा: सरकार, खेलो इंडिया या IOA से कोई संबंध नहीं
हाल ही में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' नाम की एक संस्था खिलाड़ियों को गुमराह कर रही है। केंद्र सरकार और प्रमुख खेल निकायों ने स्पष्ट किया है कि इस फेडरेशन का खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) या वास्तविक 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। यह खुलासा उन हजारों युवा एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है जो खेल में अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं।
सरकारी लोगो का दुरुपयोग और ठगी का जाल
'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' अपनी वेबसाइटों और प्रचार सामग्री पर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और खेल मंत्रालय के लोगो का अवैध रूप से उपयोग कर रहा है। यह जालसाजी खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाने के लिए की जा रही है कि वे एक वैध सरकारी-मान्यता प्राप्त कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह संस्था विभिन्न खेल आयोजनों के नाम पर खिलाड़ियों से पंजीकरण शुल्क और अन्य फीस वसूल रही है, जबकि इन आयोजनों को कोई आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने एक फैक्ट-चेक के माध्यम से इस फेडरेशन की पोल खोली है। PIB ने साफ तौर पर कहा है कि 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' भारत सरकार या खेलो इंडिया पहल से जुड़ा हुआ नहीं है। इस तरह की फर्जी संस्थाएं अक्सर युवा खिलाड़ियों की आकांक्षाओं का फायदा उठाती हैं, उन्हें झूठे वादे और नकली प्रमाणपत्र देकर ठगती हैं।
असली 'खेलो इंडिया' पहल क्या है?
वास्तविक 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित पहल है, जिसे देश में जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम पूरी तरह से खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों की देखरेख में संचालित होता है।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स इसके प्रमुख घटक हैं, जो एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अपनी प्रतिभा दिखाने का एक वैध मंच प्रदान करते हैं। इन आयोजनों में भागीदारी के लिए चयन प्रक्रिया पारदर्शी होती है और कोई अनाधिकृत शुल्क नहीं लिया जाता है।
खिलाड़ियों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने भी एक सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे 'यूथ खेलो इंडिया फेडरेशन' और इसी तरह की अन्य अनाधिकृत संस्थाओं से सतर्क रहें। किसी भी खेल प्रतियोगिता या फेडरेशन की प्रामाणिकता की जांच हमेशा संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) या खेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइटों पर करनी चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी संस्था द्वारा मांगे गए पंजीकरण शुल्क या अन्य वित्तीय लेन-देन से पहले पूरी तरह से जांच-पड़ताल की जाए। सरकार से जुड़ी किसी भी खेल पहल की जानकारी के लिए खेल मंत्रालय की वेबसाइट या भारतीय खेल प्राधिकरण की आधिकारिक पोर्टलों पर ही भरोसा करें।